झांसी.यूपी में झांसी के रहने वाले एक किसान ने बेटी की इच्छा का का ख्याल रखते हुए उसे हेलिकॉप्टर से विदा किया। जबकि मायके से ससुराल की दूरी महज 6 किलोमीटर थी। अपनी विदाई का सपना लिए हुए दुल्हन के सामने जब हेलिकॉप्टर आया, तो उसने भाई और पिता को गले से लगा लिया। बचपन का था सपना...
- 'हमने बेटी से वादा किया था कि तुम्हारा सपना जरूर पूरा करेंगे। लेकिन जहां उसका रिश्ता तय हुआ, वहां से हमारे घर की दूरी महज 6 किलोमीटर थी।'
- 'फिर भी हमने अपने वादे का मान रखते हुए बेटी की विदाई के लिए हेलिकॉप्टर मंगाया। हम बहुत खुश हैं कि हमारी बेटी के ससुराल पक्ष वालों ने उसे लाखों के जेवर पहनाकर विदा करवाया।'
शहर से चंद किलोमीटर दूर बसे मैरी गांव के रहने वाले किसान राकेश यादव ने बताया, 'मेरी की तीन बेटियां हैं। सबसे छोटी बेटी दीपिका की शादी 12 मई को अभय से हुई है।
- 'दामाद अभी पढ़ाई कर रहा है। उसके पिता सीताराम यादव भी किसान हैं। दीपिका का बचपन से ही सपना था कि उसकी डोली हेलिकॉप्टर से उठे।'
- 'दामाद अभी पढ़ाई कर रहा है। उसके पिता सीताराम यादव भी किसान हैं। दीपिका का बचपन से ही सपना था कि उसकी डोली हेलिकॉप्टर से उठे।'
- 'हमने बेटी से वादा किया था कि तुम्हारा सपना जरूर पूरा करेंगे। लेकिन जहां उसका रिश्ता तय हुआ, वहां से हमारे घर की दूरी महज 6 किलोमीटर थी।'- 'फिर भी हमने अपने वादे का मान रखते हुए बेटी की विदाई के लिए हेलिकॉप्टर मंगाया। हम बहुत खुश हैं कि हमारी बेटी के ससुराल पक्ष वालों ने उसे लाखों के जेवर पहनाकर विदा करवाया।'
हेलिकॉप्टर देखने के लिए हाईवे पर इकट्ठे हुए लोग
- जब राकेश की बेटी की विदाई होने वाली थी, उस समय यह नजारा देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। यही नहीं, हाईवे के ओवर ब्रिज से ऊपर से निकलने वाले लोग भी रुक-रुक कर विदाई समारोह देखने लगे।
- कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की भगदड़ या अनहोनी ना हो इसके लिए पुलिस प्रशासन मौके पर मौजूद था।
- जब राकेश की बेटी की विदाई होने वाली थी, उस समय यह नजारा देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। यही नहीं, हाईवे के ओवर ब्रिज से ऊपर से निकलने वाले लोग भी रुक-रुक कर विदाई समारोह देखने लगे।
- कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की भगदड़ या अनहोनी ना हो इसके लिए पुलिस प्रशासन मौके पर मौजूद था।


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